सादर प्रणाम,
श्री राम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय में भारत के इतिहास का यह प्रथम प्रकरण है, जो 5 न्यायाधीशों ने सप्ताह में 5 दिन वह प्रतिदिन 5 घंटे लगातार 40 दिनों तक सुना। निर्णय सुरक्षित है जो 9 नवंबर 19 2019 को प्रातः 10:30 पर घोषित हो जाएगा। निर्णय को लेकर समाज में अपार उत्साह विश्वास है कि निर्णय सत्य के पक्ष में रहेगा तथा निर्णय से समाज आनंदित होगा आनन्द व उत्साहित रहते हुए मर्यादित रहे। यह निर्णय जीत हार का नहीं अपितु इतिहास के सच्चाई को शिकार करने का है। इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया से इस संदर्भ में किसी भी प्रकार का संवाद न करें। सोशल मीडिया में भी नकारात्मक, उत्तेजक या प्रतिक्रियात्मक संदेश ना भेजें ना लाइक करें और ना ही शेयर करें। संवैधानिक व्यवस्था का पालन करें। कानून व्यवस्था का उल्लंघन कदापि न करें। सर्व समाज में शांति स्थापित हो, हमें ऐसा आचरण प्रस्तुत करना है। शांति व्यवस्था बनाए रखने में हम सभी अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे ऐसा विश्वास है।

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